NEET UG exam: कोर्ट ने नीट यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित करने की याचिका को खारिज कर दिया है। आज मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि परीक्षा की पवित्रता का उल्लंघन होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था और परीक्षा के संचालन में व्यवस्थागत खामियां थीं। उन्होंने परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए परीक्षा को कैंसिल करने से इंकार कर दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है। कोर्ट ने कहा कि CBI की जांच अधूरी होने के चलते NTA से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया था कि क्या गड़बड़ी बड़े पैमाने पर हुई है या फिर नहीं।
सरकार और NTA का पक्ष:
केंद्र सरकार और NTA ने अपने जवाब में आईआईटी मद्रास की रिपोर्ट का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि उसके सामने उपलब्ध तथ्यों के मद्देनजर, दोबारा परीक्षा कराना सही नहीं होगा।
परीक्षा के आंकड़े
इस साल नीट यूजी परीक्षा में 1 लाख 8 हजार सीटों के लिए 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न होते हैं, जिनके कुल अंक 720 होते हैं।सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने से साफ इंकार कर दिया है। इसके साथ ही, यह मामला अब खत्म हो गया है और छात्रों को मौजूदा परिणामों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया को पूरा करना होगाइस फैसले के बाद अब छात्रों को अपने परिणामों के आधार पर आगे की प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा और परीक्षा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ चल रहे मामलों की जांच भी जारी रहेगी।
