Indian Army Land Warfare Doctrine 2026: राजनाथ सिंह ने जारी की नई युद्ध नीति, ड्रोन और AI पर रहेगा खास जोर

India रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय सेना की नई ‘लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन 2026’ जारी की। भविष्य के युद्धों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस नीति में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक निगरानी प्रणाली और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक से लैस कर भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करना है।

विजन 2047 के अनुरूप तैयार की गई नई युद्ध नीति

भारतीय सेना की नई लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन को डिफेंस फोर्सेज विजन 2047 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और युद्ध के आधुनिक तरीकों को ध्यान में रखा गया है।

नई नीति के तहत तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, आधुनिक सैन्य तकनीक के इस्तेमाल और युद्ध के दौरान मजबूत लॉजिस्टिक सपोर्ट पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत और ‘Whole-of-Nation Approach’ को भी प्राथमिकता दी गई है। इसका मकसद राष्ट्रीय संसाधनों और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

ड्रोन और AI से बदलेगा युद्ध का तरीका

आधुनिक युद्ध में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्षमता, अंतरिक्ष आधारित तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। नई डॉक्ट्रिन में इन सभी क्षेत्रों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

अब युद्ध केवल जमीन पर सैनिकों और हथियारों तक सीमित नहीं रह गए हैं। साइबर स्पेस, सूचना तंत्र, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी सैन्य अभियानों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में भारतीय सेना को मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए तैयार करना नई युद्ध नीति का प्रमुख उद्देश्य है।

सैनिक यानी ‘योद्धा’ रहेगा युद्ध के केंद्र में

नई डॉक्ट्रिन की एक अहम विशेषता सैनिकों को युद्ध के केंद्र में रखना है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक हथियारों के साथ सैनिकों का नेतृत्व, प्रशिक्षण और निर्णय लेने की क्षमता भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

बदलती परिस्थितियों में तेजी से सही निर्णय लेने और नई तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए सैनिकों तथा अधिकारियों की क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

AI और ड्रोन प्रशिक्षण में होंगे बड़े बदलाव

भविष्य की सैन्य जरूरतों को देखते हुए भारतीय सेना अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अधिकारियों के लिए तीन स्तरों पर AI प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है।

इसके अलावा, सेना के सभी स्तरों पर ड्रोन संचालन को अतिरिक्त कौशल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। अगले पांच वर्षों में मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने की भी योजना है।

आत्मनिर्भर और आधुनिक सेना बनाने पर जोर

लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन 2026 का व्यापक उद्देश्य भारतीय सेना को तकनीकी रूप से आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की युद्ध चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है। नई नीति में सैन्य तकनीक, सैनिकों के कौशल, तीनों सेनाओं के समन्वय और मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है।

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