पार्टी की ओर से आकाश आनंद के जनसभा कार्यक्रम का शेड्यूल जारी किया गया है। अगले दो महीनों में इन तीन राज्यों में उनकी सात बड़ी सभाएं आयोजित करने की तैयारी है। बसपा के कई विधानसभा क्षेत्रों के नेता भी अपने यहां आकाश आनंद की रैली कराने की मांग कर रहे हैं।
आकाश आनंद की यूपी में चुनावी जनसभाएं, बुलंदशहर से शुरू होगा दौरा
उत्तर प्रदेश में आकाश आनंद की चुनावी सक्रियता 28 अक्टूबर से बढ़ने जा रही है। इस दिन वह बुलंदशहर के अनूपशहर में बसपा की बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 2 नवंबर को सहारनपुर के नकुड़ में सभा प्रस्तावित है।
पार्टी के कार्यक्रम के मुताबिक, 20 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर के बिल्हौर में भी आकाश आनंद जनसभा करेंगे।
इन रैलियों के जरिए बसपा प्रदेश में चुनावी माहौल बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश करेगी। पार्टी को उम्मीद है कि आकाश आनंद की सभाओं से युवा समर्थकों और पुराने वोट बैंक को फिर से जोड़ने में मदद मिलेगी।
पंजाब और उत्तराखंड में भी आकाश आनंद की जनसभाएं
यूपी के अलावा आकाश आनंद को पंजाब और उत्तराखंड में भी संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वह 26 नवंबर को पंजाब में जनसभा करेंगे। इसके बाद 6 दिसंबर को हरिद्वार में सभा आयोजित की जाएगी।
बसपा इन राज्यों में भी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। पार्टी समर्थकों के बीच आकाश आनंद की खास पहचान है। खासकर युवाओं में उनके भाषण और आक्रामक राजनीतिक अंदाज को लेकर उत्साह देखने को मिलता है।
मायावती और आकाश आनंद के रिश्तों में कई बार आया उतार-चढ़ाव
आकाश आनंद का बसपा में राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है। मायावती ने दिसंबर 2023 में उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के साथ राष्ट्रीय संयोजक बनाया था। हालांकि, मई 2024 में एक चुनावी रैली में बीजेपी के खिलाफ आक्रामक बयान देने के बाद उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी।
इसके बाद जून 2024 में उनकी पार्टी में वापसी हुई। फिर 4 मार्च 2025 को उन्हें दोबारा सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया और 13 अप्रैल 2025 को एक बार फिर पार्टी में शामिल किया गया।
बसपा में तीसरी वापसी के बाद आकाश आनंद को मिली चुनावी जिम्मेदारी
दिए गए विवरण के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद को फिर पार्टी से निष्कासित किया था। इसके बाद 5 अक्टूबर को उनकी तीसरी बार वापसी हुई और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक का पद सौंपा गया।
अब पार्टी में वापसी के बाद मायावती ने उन्हें यूपी समेत तीन राज्यों में जनसभाओं की जिम्मेदारी दी है। आगामी चुनावों में आकाश आनंद की सक्रियता बसपा के लिए कितनी फायदेमंद होगी, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल पार्टी उनकी रैलियों के जरिए संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है।
