Budhadev Bhattacharya: बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज वामपंथी नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य का गुरुवार को 80 साल की उम्र में निधन हो गया। आज सुबह 8.20 बजे कोलकाता स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने उनके निधन की जानकारी दी। भट्टाचार्य लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस कारण हाल में उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सीओपीडी और अन्य बीमारियों से थे पीड़ित
बुद्धदेव भट्टाचार्य सीओपीडी (क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) और बुढ़ापे से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। उनका इलाज कोलकाता में उनके घर पर ही चल रहा था। खराब स्वास्थ्य के चलते भट्टाचार्य काफी समय से सार्वजनिक जीवन से दूर थे।
राजनीतिक करियर और योगदान
बुद्धदेव भट्टाचार्य 2000 से 2011 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 1966 में राजनीति में प्रवेश किया और जल्द ही वामपंथी विचारधारा के प्रमुख नेता बन गए। उनके कार्यकाल में राज्य में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए, जिनमें भूमि सुधार और औद्योगिक विकास प्रमुख थे। उन्होंने राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मान और विदाई
बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन से पूरे बंगाल में शोक की लहर है। राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भट्टाचार्य का निधन बंगाल के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें उनके समर्थक, पार्टी के सदस्य और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।
