Vinesh Phogat: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय पहलवान विनेश फोगाट की डिस्क्वालिफिकेशन पर लोकसभा में खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने विस्तृत बयान दिया। उन्होंने बताया कि विनेश का वजन फाइनल मैच के दिन दो बार जांचा गया, और उनका वजन 50 किलोग्राम से 100 ग्राम अधिक पाया गया। इस वजह से उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। खेल मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने इस निर्णय के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसके बावजूद, संसद में हंगामा जारी रहा, और विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सरकारी मदद और खेल मंत्री का आश्वासन
मनसुख मंडाविया ने स्पष्ट किया कि भारतीय ओलंपिक संघ ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ से शिकायत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडियन ओलंपिक कमेटी की प्रमुख पीटी ऊषा से इस मामले पर चर्चा की है। पीटी ऊषा इस समय पेरिस में हैं, और सरकार उम्मीद कर रही है कि उन्हें न्याय मिलेगा। खेल मंत्री ने बताया कि सरकार ने विनेश को हर संभव सहायता प्रदान की है, जिसमें हंगरी के मशहूर कोच वोलेर अकोस और फिजियो अश्विनी पाटिल की सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, कई स्पारिंग पार्टनर्स और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट को भी तैनात किया गया।
संसद में विपक्ष की नाराजगी और वॉकआउट
संसद में खेल मंत्री के बयान से विपक्षी सांसदों की नाराजगी बढ़ गई। सांसदों ने सरकार से उच्च स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की मांग की और सवाल उठाया कि अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है। खेल मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। इससे पहले आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले को लेकर सरकार से सवाल पूछे। संजय सिंह ने ओलंपिक का बहिष्कार करने की घोषणा की, जबकि सुरजेवाला ने इसे देश के लिए काला दिन करार दिया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तकनीकी कारणों की गहन जांच की मांग की और सचाई सामने लाने की बात की।
