सीएम नीतीश कुमार ने आज पटना में सीपीआई की ‘बीजेपी हटाओ देश बचाओ’ रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को इंडिया गठबंधन की चिंता नहीं है। वो 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में व्यस्त हैं। उनकी वजह से गठबंधन का काम प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कम्यूनिस्ट पार्टी को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इनके साथ हमारा पुराना रिश्ता है।
इस दौरान सीएम नीतीश ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज जो सरकार देश में है उनको देश से कोई मतलब नहीं है। आजादी से कोई मतलब नहीं है। भाजपा हिंदू-मुस्लिम में विवाद पैदा करना चाहती है। इनको तो 2007 से हम झेल रहे हैं। सीएम ने कहा कि हम लोग बिहार में 95 फीसदी लोगों को एकजुट किए हैं।
मीडिया पर कसा तंज
सीएम ने रैली को संबोधित करते हुए मीडिया को भी खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि बिहार में आज जितना काम हो रहा है वह कहां छप रहा है। हम लोगों ने कई लोगों को बहाल किया हैं लेकिन थोड़ा बहुत छपता है। बता दें कि सीपीआई 5 साल बाद बिहार में इतनी बड़ी रैली की है। इससे पहले 2018 में गांधी मैदान में रैली आयोजित की थीं।
बिहार में राजनीतिक वजूद की लड़ाई लड़ रहे कम्यूनिस्ट
बिहार में सीपीआई का राजनीतिक अस्तित्व फिलहाल खतरे में हैं। फिलहाल बिहार में पार्टी के पास एक भी सांसद नहीं है। पार्टी के दो विधायक बिहार की विधानसभा में हैं। इससे पहले 1996 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई ने बिहार की 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने बेगूसराय से कन्हैया कुमार को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था लेकिन उन्हें भाजपा के गिरिराज सिंह ने बड़े अंतर से हराया था। लोकसभा चुनाव में हार के बाद कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके अलावा प्रभाकर कुमार ने भी पूर्वी चंपारण से चुनाव लड़ा था। वे भी हार गए थे।
