Uttarakhand Landslide News: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। टिहरी जिले में बादल फटने, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान से व्यापक क्षति की सूचना मिली है। शुक्रवार रात को बूढ़ाकेदार के तोली और तिनगढ़ गांवों में विशेष रूप से गंभीर हालात देखे गए। तोली गांव में बादल फटने के कारण भूस्खलन हुआ, जिसने कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक मकान पूरी तरह से मलबे में दब गया, जिसमें एक मां और उसकी बेटी की दुखद मौत हो गई। परिवार के तीन अन्य सदस्य किसी तरह से सुरक्षित स्थान पर भागने में सफल रहे।इस आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में संचार और बिजली की सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें तुरंत प्रभाव से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। इन कठिन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
मां-बेटी की दर्दनाक मौत
जौनपुर ब्लॉक में 33 केवी का विद्युत सब स्टेशन ठप
टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक के थत्यूड़ में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन में भारी मलबा भर गया है। जिससे ट्रांसफार्मर दब गए हैं। विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। विद्युत सब स्टेशन परिसर में सड़क का मलबा और पानी घुसा पड़ा हुआ है।
मां-बेटी धर्मगंगा नदी में बहे
बीती रात को बूढ़ाकेदार क्षेत्र में धर्मगंगा नदी के उफान पर आने से मां-बेटी नदी के तेज बहाव में बह गए हैं। बूढ़ाकेदार से छह किमी दूर झाला पुल के समीप नेपाली मूल के मजदूर एक कच्चा मकान में रहते थे। रात दो बजे के लगभग धर्मगंगा के उफान पर आने से पप्पू बहादुर की पत्नी जया (32) और बेटी मोनिका (7) बह गई हैं। थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने बताया कि नदी के किनारे उनकी तलाशी की गई। लेकिन पता नहीं चल पाया है। पप्पू बहादुर और रमेश बहादुर ने भाग कर जान बचाई।
