NCCF: दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में हाल ही में भीषण गर्मी और भारी बारिश ने खाद्य पदार्थों की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। खासकर, आलू, प्याज और टमाटर की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर बुरा असर पड़ा है। टमाटर की कीमतों ने विशेष रूप से चिंता का विषय बना दिया है। इस स्थिति से निपटने के लिए नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनसीसीएफ) ने एक अहम कदम उठाते हुए दिल्ली एनसीआर में 60 रुपये प्रति किलो के रेट पर टमाटर बेचने की घोषणा की है।
टमाटर की कीमतों में अचानक वृद्धि
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई को दिल्ली में टमाटर की रिटेल प्राइस 77 रुपये प्रति किलो थी, और कुछ इलाकों में यह 80 रुपये प्रति किलो से भी अधिक हो चुकी थी। हाल ही में टमाटर उत्पादक इलाकों में तेज बारिश ने आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिसके चलते दिल्ली एनसीआर में टमाटर की किल्लत उत्पन्न हो गई है। इसके अतिरिक्त, बारिश के कारण टमाटर की बर्बादी भी बढ़ गई है, जो कीमतों में इजाफा का एक प्रमुख कारण है।
एनसीसीएफ की मेगा सेल की पहल
एनसीसीएफ ने बताया कि मेगा सेल 29 जुलाई, 2024 से शुरू होगी और धीरे-धीरे इसे दिल्ली एनसीआर के सभी इलाकों में लागू किया जाएगा। इस विशेष सब्सिडी सेल का आयोजन कृषि भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी कॉलोनी, हौज खास, पार्लियामेंट स्ट्रीट, आईएनए मार्केट और नोएडा, रोहिणी, तथा गुरुग्राम के विभिन्न इलाकों में किया जाएगा। एनसीसीएफ के अनुसार, इस सेल का उद्देश्य मार्केट में बढ़ती टमाटर की कीमतों को काबू में लाना है, ताकि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर टमाटर मिल सके।
सरकार की चिंता और उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश
एनसीसीएफ ने यह भी बताया कि सरकार टमाटर की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित है और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। पिछले साल की समान अवधि में टमाटर की कीमतें 165 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, जबकि इस साल के रेट लगभग आधे हैं। इस पहल से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और बाजार में स्थिरता लाने में मदद मिलेगी।
